Oct 9, 2018

Computer क्या है? Computer का इतिहास । Computer Generations in Hindi

Hello Guys, आज के इस Lession में हम Computer की History (इतिहास) के बार में बात करेंगे। इसमें हम सीखेंगे की Computer क्या है? Computer की शुरुवात कैसे हुई और कहाँ से हुई? Computer कैसे कार्य करता है? सबसे पहले कौनसा कंप्यूटर बनाया गया? इसके अलावा हम Computer की Generation के बारे में भी जानेंगे। क्या आप जानते हैं की कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है अगर आप इसमें रूचि रखते हैं तो आइये हम इस पोस्ट में इसी के बारे में discus करते हैं।

Computer kya hai computer generations computer history computer ke prakar computer ki full jankari computer ka itihas

भारत में बहुत से लोग अभी भी ऐसे हैं जो Computer का Use तो करते हैं परन्तु इसके इतिहास के बारे में नहीं जानते हैं वह नहीं जानते हैं की इस कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया था। ऐसे व्यक्ति भी अपने देश में मौजूद हैं जो कंप्यूटर के बारे में पढना और इसकी Technology के बारे में विस्तृत जानकारी लेना पसंद करते हैं। Students की बात अलग है वह तो मजबूर हैं कंप्यूटर की पद्धतियों के बारे में समझने के लिए क्योंकि उनको तो इसकी बहुत आवश्यकता है। अगर नहीं पढना चाहे तो उनको Job करने के लिए कहीं ना कहीं जरुरत पड़ती है।
मेरा यह मानना है देश बदल रहा है और हमारे इस देश का प्रत्येक इन्सान भी बदल रहा है। सभी लोग इस आधुनिक दुनिया में Technology के माध्यम से अपना career बना रहे हैं तो आप क्यों पीछे रहते हो। कंप्यूटर के द्वारा आप बहुत से ऐसे कार्य कर सकते हैं जो आपने कभी सपनों में भी नयी देखे होंगे। जी हाँ दोस्तों मैं आपसे सच कह रहा हूँ। पहले मैं भी Computer के मामले में यही समझता था की यह कुछ भी नहीं है। मैं कंप्यूटर को only बड़े लोगों की जरुरत और कंपनियों की मशीन समझता था और कुछ हद तक यह बात सच भी है लेकिन सिर्फ बड़े संगठन ही क्यों आप क्यों नहीं, हम क्यों नहीं। जब indian Government आप का Digital india के मामले में Support कर रही है तो आप past में क्यों जाते हो। Schools में भी सरकार द्वारा लड़कियों के लिए laptop वितरण किये जा रहें हैं। ये सब क्यों हो रहा है आप खुद समझदार हैं आप समझ गए होंगे की सरकार भी चाहती है की हमारा भारत देश बदले और इस देश का हर एक आदमी Technology सीखे।
अगर आप टेक्नोलॉजी के बारे में अच्छी तरह समझने लग गए तो आपको अमेरिका जाने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति जब टेक्नोलॉजी के मामले में Teacher होगा तो खुद अमेरिका आएगा भारत देश में टेक्नोलॉजी सिखने के लिए। आप भी आइये अपने दोस्तों के साथ मिलकर हमे भी Support कीजिये। तो चलिए दोस्तों ज्यादा टाइम न लेते हुए मैं अपने मुख्य Topic पर आता हूँ। हम बात कर रहे थे कंप्यूटर की, कि कंप्यूटर क्या है? आइये जानते हैं। 

What is Computer? कंप्यूटर क्या है?

Computer शब्द Compute शब्द से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है गणना करना। इसलिए Computer एक गणना करने वाला यंत्र है जो कि बहुत तेज गति से अंक गणितीय क्रिया को पूरा करता है। मुख्य रूप से कंप्यूटर एक मशीन है जिसे आवश्यकता अनुसार programme किया जा सकता है। पहले computer का प्रयोग केवल Scientists और Engineers द्वारा जटिल गणनाओं के लिए किया जाता था। यह computer बहुत महंगे थे इसलिए सिर्फ बड़े संगठन ही इन्हें खरीद सकते थे। छोटे संगठन और आम लोगों के द्वारा इन्हें खरीदना बहुत मुश्किल था। Computation में Technology की Entry और Micro processor नामक Semiconductor device का निर्माण होने पर शक्तिशाली micro computer को बनाना संभव हुआ। जिससे ये आम आदमी तक पहुंचे और छोटे संगठनों के साथ-साथ इन्हें सामान्य व्यक्ति भी खरीदने लगे। यह computer Calculation करने में पहले computer से बहुत तेज थे।

कंप्यूटर की परिभाषा । Computer Definition

कंप्यूटर एक Electronic device है जिसका प्रयोग ना केवल data को स्टोर व process करने के लिए किया जाता है बल्कि इसकी सहायता से स्टोर किए हुए data को प्राप्त भी कर सकते हैं। simple words में कहें तो कंप्यूटर बिजली से चलने वाली एक मशीन है जिसका प्रयोग हम अपने कामों को जल्दी करने के लिए और आसान बनाने के लिए करते हैं।

कंप्यूटर की पीढियां और इतिहास । Generations of Computer and History

Computer के इतिहास को समझने के लिए Developed Technology के आधार पर इसको पांच पीढीयों (Generations) में बांटा गया है। जिसे हम एक समय के अंतराल में आसानी से समझ सकते हैं। हर एक Generation में Computer के मूलभूत सिद्धांत व उसके किसी भाग में नई तकनीक है। जैसे जैसे Computer में कुछ बदलाव हुआ या विकास हुआ तो उसको एक नई पीढ़ी का नाम दिया गया। गणना करने के लिए बनाए गए पहले उपकरण से लेकर आज के उपकरण कंप्यूटर के आविष्कार तक का समय पांच भागों में विभाजित किया गया है यानि शुरूआती कंप्यूटर से लेकर आज के कंप्यूटर तक के बीच का समय। आइए अब हम कंप्यूटर की पीढ़ियों को विस्तार से समझते हैं।

Computers First Generation (प्रथम पीढ़ी) 1951-1958

Computer की First Generation की शुरुआत 1951 में हुई थी इस पीढ़ी के कंप्यूटर में Internal memory के लिए Vacuum tube का प्रयोग किया जाता था। इस Generation का मुख्य कंप्यूटर Electronic Numerical Integrator and Calculator (ENIAC) था। जिसको जे. प्रेस्पेर एकर्ट (J.Presper Eckert) तथा  जॉन मैकली (John Mauchly) मैक्ली के द्वारा सन 1946 में बनाया गया था।


Computers Second Generation (दितीय पीढ़ी)  1958-1964

द्वितीय पीढ़ी के Computer में Vacuum tube के स्थान पर Transistor का प्रयोग किया जाता था। इसका विकास जॉन बर्लिन और William Bradford Shockley Jr. ने America की Bell Labs में किया था। UNIVAC 1108 इस पीढ़ी का मुख्य computer था। इस काल में Computer का प्रयोग Trade and industries में किया जाने लगा।

Computers Third Generation (तृतीय पीढ़ी)  1964-1971

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर में बहुत important changes हुए थे। इस Generation के Computer में आंतरिक कार्यों के लिए Integrated circuit (I.C.)  का प्रयोग किया जाता था।Transistor और Capacitor आदि को मिलाकर एक Chip बनाई गई जिसे Integrated circuit कहा गया। यह इस पीढ़ी का महत्वपूर्ण आविष्कार था। Integrated circuit को प्रयोग में लेने के कारण Computer आकार में छोटे गति में काफी तेज तथा अधिक विश्वसनीय हो गए।


Computers Fourth Generation (चतुर्थ पीढ़ी)  1971-1985

इस पीढ़ी के computers का टाइम 1971 से लेकर 1985 तक रहा। Fourth Generation के Computer में VLSI तथा Microchip का प्रयोग किया जाने लगा। इसका विकास CPU के एक Chip पर Design  होने से संभव हुआ। इस कार्य को वीएलएसआई (VLSI ) ने संभव बनाया था। Intel corporation ने सन 1971 में Micro chip  का विकास किया तथा Ed Report द्वारा First micro computer design किया गया था।

Computers Fifth Generation (पांचवीं पीढ़ी)  1985-?

आज सभी क्षेत्रों में Fifth Generation के Computer का ही प्रयोग किया जा रहा है Scientist Computer में Artificial intelligence का प्रयोग कर रहे हैं। जिससे Computer मानव की तरह सोच व समझ सके और कार्य कर सकें।

Classification of Computer (कंप्यूटर का वर्गीकरण)

Computer का तीन भागों में वर्गीकरण किया गया है।

  1. Digital Computer
  2. Analog Computer
  3. Hybrid Computer



Digital Computer 
डिजिटल कंप्यूटर सभी Data को अंको में प्रदर्शित करते हैं एवं सभी कार्य इन्हीं अंकों के आधार पर ही करते हैं। अर्थात यह कंप्यूटर only digit पर कार्य करते हैं तथा इसके लिए 0 व 1 दो संख्याओं का ही प्रयोग करते हैं। गणनाओं से Related सभी कार्य संख्याओं को जोड़कर करते हैं। यह Computer Necessary data को input के रूप में लेते हैं तथा उसके बाद उन पर Mathematical Action लेकर उनका Result Screen पर  Show करते हैं। आकार के आधार पर इन्हें चार भागों में बांटा जा सकता है।

  1. Micro Computer
  2. Mini Computer
  3. Main Frame Computer
  4. Super Computer

1. Micro Computer (माइक्रो कंप्यूटर)
सन 1971 में सर्वप्रथम Intel corporation  द्वारा Microprocessor chip का विकास हुआ था। वे सभी Computer जो Microprocessor को मुख्य Part के रूप में प्रयोग करते हैं Micro Computer कहलाते हैं। निजी उपयोग में लिए जाने के कारण इन्हें Personal Computer भी कहा जाता है। यह आकार में छोटे तथा कम Cost के होते हैं। यह Single User होते हैं अर्थात इन पर एक समय में एक केवल एक ही User कार्य कर सकता है। इनकी Priority Memory तथा Processing Capacity other Computer से कम होती है।

Mini Computer (मिनी कंप्यूटर)
Mini Computer माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में अधिक Powerful होते हैं। इनकी Processing Capacity micro computer की तुलना में 5 गुना अधिक होती है। इन्हें सामान्यतः Time sharing तथा Distributed Data Processing  में प्रयोग किया जाता है। यह आकार में Micro Computer से बड़े तथा मेनफ्रेम कंप्यूटर से छोटे होते हैं।इनको Multi user system में Central computer के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह Time sharing Method के आधार पर कार्य कर सकते हैं।

Mainframe Computer (मेनफ्रेम कंप्यूटर)
मेनफ्रेम कंप्यूटर की Processing Capacity Mini Computer से अधिक होती है। Main Frame Computer आकार में बड़े होते हैं। यह Multi user वातावरण के लिए बनाए जाते हैं। इनकी Storage capacity तथा Processing Capacity अधिक होती है। इनका प्रयोग से local network तथा Expanded network में Central computer के रूप में किया जाता है। इनकी memory में एक साथ कई programme load किए जा सकते हैं। अतः यह Computer Multi Programming के theory पर कार्य करते हैं। इनका प्रयोग वैज्ञानिक प्रयोगों तथा Complex calculation करने के लिए किया जाता है। DEC तथा IBM-3090 आदि मेनफ्रेम कंप्यूटर के मुख्य उदाहरण हैं।


Super Computer (सुपर कंप्यूटर)
Super Computer की Processing Capacity Main Frame Computer से अधिक होती है। इसका प्रयोग नई तथा Complex calculation को हल करने में किया जाता है। इनमें Multi Processing Capacity अधिक होती है। यह सबसे Powerful Computer है। इनमें Logical Rules Decision लेने की capacity अधिक होती है। यह Multi user environment के लिए बनाए गए हैं। इनकी memory तथा Processing Capacity अन्य कंप्यूटर से कहीं अधिक होती है। इन पर एक साथ एक से अधिक प्रोग्राम चलाए जा सकते हैं इनकी कीमत अधिक होती है अतः इनका प्रयोग विशेष कार्यो के लिए ही किया जाता है।

Analog Computer (एनालॉग कंप्यूटर)
Analog Computer विशेष प्रकार के Computer होते हैं। जिनका प्रयोग ताप, दाब, गति, ध्वनि विद्युत प्रवाह जैसे संकेतों पर कार्य करने के लिए किया जाता है। प्रत्येक कार्य के लिए इन्हें अलग data की आवश्यकता होती है। ये एक निर्देश को process करने के बाद ही दूसरा निर्देश लेते हैं। यह Computer Analog Signals के आधार पर कार्य करते हैं। अब इनका प्रयोग Scientific and medical field  में अधिक किया जाता है।

Hybrid Computer (हाइब्रिड कंप्यूटर)
Hybrid computers में Digital Analog की Joint working method का प्रयोग किया जाता है। अतः यह Computer  Heat, Pressure, electric Current के संकेतों तथा संख्याओं के आधार पर कार्य करते हैं।


तो Friends यह थी आज की Informations जो की Computer के बारे में थी। आप समझ गए होंगे की कंप्यूटर क्या है और कैसे कार्य करता है? आपने इस पोस्ट में Computer की Generations के अलावा बहुत कुछ सीखा होगा। मुझे उम्मीद है आपको यह लेख बहुत पसंद आया होगा। अगर आपके लिए Computers history के बारे यह जानकारी उपयोगी है तो अपने मित्रों के साथ Share करें। कहीं पर भी समझने में Problem आये तो आप comment में पूछ सकते हैं। Good Luck!
Previous Post
Next Post

मैं इस वेबसाइट का फाउंडर हूँ। इस साईट के जरिये से लोगों की सहायता करना ही हमारा उद्देश्य है। बहुत से लोग हिंदी में पढना पसंद करते हैं तो यह साइट उनके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। हमसे जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

Related Posts

0 comments: