Aug 21, 2018

Accounts कितने प्रकार के होते हैं तथा उनके Rules के बारे में Full जानकारी

हमें बहुत अच्छा लगा यह जानकर की आप हमारी साइट पर आकर Accounts के बारे में पढ़ते हैं और बहुत कुछ आपको सीखने को मिलता रहा है। आज फिर हम आपके लिए यह लेख प्रकाशित कर रहे हैं जिसमें आपको खातों (Accounts) के बारे में बताएंगे कि Accounts कितने प्रकार के होते हैं। Accounts के Rules क्या हैं और बताएंगे की खातों के अनुसार Journal में Entry कैसे की जाती है।

account type kitne hote hain. business me inke rules ko follow kaise kare. accounts ke niyam ke anusar jouranl me entry kaise kare. journal me lekha karne ke niyam. khato ke prakar. accounts kitne prakar ke hote hain.

जर्नल में एंट्री करने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि विचारहीन व्यवहार कौनसे दो खातों को प्रभावित करते हैं। इनमें से कौनसे खाते को Dr किया जाए और कौनसे खाते को Cr किया जाए। अतः अलग – अलग प्रकार के खातों एवम् उनसे Related नियमों की जानकारी हासिल करना आवश्यक है।


खाते कितने प्रकार के होते हैं व उनके नियमों को विस्तार से समझाइए। Kinds of Accounts and Their Rules

खाते (Accounts) के तीन प्रकार होते हैं।

  • व्यक्तिगत खाता (Personal Account) 
  • वस्तुगत या वास्तविक खाता (Real Account) 
  • अवस्तुगत या आय व्यय से संबंधित या नाम मात्र का खाता (Nominal Account) 
अब आपको यह तो पता चल गया होगा कि खाते कितने प्रकार के होते हैं। आइए अब हम आपको इनकी पहचान और नियमों के बारे में समझा देते हैं।


Feature में जब भी आप जर्नल या टैली में एंट्री करेंगे तो आपको ये नियम follow करने होंगे। इन नियमों के अनुसार ही आप व्यवसाय में होने वाले दो पक्षों के बीच व्यवहार में खातों को अलग अलग कर सकेंगे।

1. व्यक्तिगत खाता (Personal Account) – 
वह खाते जो किसी व्यक्ति, फर्म, संस्था अथवा कंपनी से संबंधित होते हैं। व्यक्तिगत (Personal) खाते कहलाते हैं।
For example: Shyam का खाता, Rani Account, Sanjay Account, Tarun Baverages Limited Account, Karnataka Vishvavidyalay Account, Life Insurance Corporation Account, Drawings Account, Capital Account, Bank Account etc. 

Journal में Entry करने के नियम –
अगर दो पक्षों के बीच लेन-देन में व्यक्तिगत खाता प्रभावित होता है तो यह नियम लागू होगा।
पाने वाले व्यक्ति के खाते को Debit करो तथा देने वाले व्यक्ति के खाते को Credit करो।


2. वस्तुगत या वास्तविक खाता (Real Account) – 
वह खाते जो किसी वस्तु या संपत्ति से संबंधित होते हैं वस्तुगत (Real) खाते कहलाते कहलाते हैं। इस खाते में वस्तुओं का लेनदेन तथा खरीदना और बेचना शामिल होता है। 
For example: Furniture A/c, Machinery A/c, Building A/c, Cash A/c, Purchase A/c, Sales A/c, Purchase Return a/c, Sales Return Account etc. खाते वस्तुगत खाते के अन्दर आते हैं। 

जर्नल में एंट्री करने का नियम -
जो वस्तु व्यापार में आती है उसे Debit करो और जो वस्तुएं पर से जाती है उसे Credit करो।


3. अवास्तविक खाता (Nominal Account) – 
Income or Expenses से Related Accounts जैसे कि लाभ हानि (loss and profit) खाता अवास्तविक (Nominal) खातों के अंतर्गत आते हैं। इन्हें नाम मात्र का खाता या आय व्यय से संबंधित खाता भी कहते हैं।
For Example: Insurance Premium Account, Salary a/c, Commission a/c, Intrest a/c, Office Expenses a/c, Wages a/c, Rent a/c, Depreciation of value a/c, Carriage Account etc. खाते Nominal अकाउंट के अंदर आते हैं। 

जर्नल में लेखा करने के नियम -
समस्त व्यय एवं हानियों को Debit करो तथा समस्त आय एवं लाभ को Credit करो।
    नॉमिनल खाते में आमदनी को क्रेडिट किया जाता है व खर्चों को डेबिट किया जाता है।


आपने इस आर्टिकल में खातों के कितने प्रकार होते हैं व इनके नियम क्या हैं (What are the types of accounts in business and their rules) के बारे में पढ़ा। अगर आपको इस पोस्ट से कुछ फायदा हुआ है तो अपने मित्रों के साथ शेयर करें। हां अगर कोई कंफ्यूजन या कंटेंट को समझने पढ़ने में परेशानी हो रही हो तो कमेंट में पूछ सकते है। Good Luck!
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