Aug 19, 2018

नारियल पेड़ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी। How Do People Use Coconut

Important information about coconut trees and what benefits people get from it. Hello friends आज मैं आपको इस आर्टिकल में नारियल के पेड़ के बारे में कुछ जानकारी शेयर करने जा रहा हूं। जिसमें आपको बताऊंगा कि नारियल के पेड़ का कितना महत्व है और यह क्या काम आता है तथा लोग इसको किस तरह से उपयोग में लेते हैं। नारियल का पेड़ केरल व जजीरा ए लंका में बहुत ज्यादा पाया जाता है।

how to use coconut and eat it. nariyal ped ke bare me jankari. nariyal ko kaise upyog karte hain. coconut ke water yani pani ko peene se kya laabh hota hai. yah konsi bimari me ilaj ke liye sahi hota hai. coconut oil use karne se balo ko strong kiya ja sakta hai.


यह ताड़ के पेड़ से मिलता जुलता होता है। सबसे पहले इस पेड़ में कलियां आती हैं और फूल खिलते हैं उसके बाद इसमें फल आते हैं जो एक गोलाकार आकृति का फल होता है वह गोल आकार फल एक मजबूत लकड़ी जैसा होता है। जिसके ऊपर एक रेशेदार कवच चढ़ा हुआ होता है। उसके अंदर दूध के जैसा सफेद रंग का पानी होता है। यह पानी धीरे-धीरे गाढ़ा होता जाता है और अंत में वह पानी जम जाता है। जिसे हम खोपरा कहते हैं और इसे मेवे की तरह खाया जाता है।

नारियल पेड़ के बारे में Important जानकारी और लोग इससे क्या फायदे उठाते हैं। 

लंका वालों का जीवन यापन करने का यह एक बहुत बड़ा जरिया है। खोपरे को खाते हैं और उसका रोगन निकालते हैं और इसका पानी पीते हैं और इसी को घी की तरह चावल में डाल कर खाते हैं। इस के हरे पत्तों को बर्तन की तौर पर इस्तेमाल करते हैं और उन्हीं पर खाना खाते हैं। इसके पत्तों की मोटी रस्सी बनाकर कुवे से पानी निकालते हैं। इसके कवच को कूटकर जाल बनाते हैं। इसके अर्क से ताड़ी और सिरका बनाते हैं। अर्क से शक्कर बनाकर भी मीठे के लिए इसतेमाल करते हैं। नारियल से तेल भी बनाया जाता है जिसको हम सिर के बालों की मालिश के लिए उपयोग करते हैं। बालों के लिए इसका तेल बहुत ही फायदेमंद होता है।
नारियल के खोल से चाय के प्याले और खाने के बर्तन बनाते हैं चिराग और हुक्का भी तैयार करते हैं। चिराग जलाने के लिए भी नारियल का तेल उपयोग में लेते हैं। बहुत से शुभ अवसर तीज त्योहारों और शादी विवाह में इसके फूलों के हार बनाकर पहनते हैं। इसकी शाखाओं के बीच मैसेज खोखला बना कर डिब्बी की तरह प्रयोग करते हैं। इसकी पत्तियों से सफाई के लिए झाड़ू भी बनाते हैं। इसके अलावा नारियल से बहुत सी बीमारियों की औषधि तैयार की जाती है। इसके पानी को पीने से पेशाब में होने वाला इन्फेक्शन कम होता है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है।
लगभग 70 वर्ष के बाद यह पेड़ वृद्धावस्था में चला जाता है। वृद्ध होने पर यह फल देना बंद कर देता है। उसके बाद इसे काट लिया जाता है और इसकी शाखाओ और लकड़ियों से दरवाजे खिड़कियां कुर्सियां चारपाई अलमारी व बक्शे तैयार किए जाते हैं। इस कारण से यह नारियल का पेड़ लंका में रहने वाले लोगों के लिए बहुत ही मायने रखता है।
दोस्तों मुझे उम्मीद है आप से कि आपको नारियल के पेड़ के बारे में यह जानकारी बहुत पसंद आई होगी। अगर आपको यह अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और कमेंट में हमें इसके बारे में बताएं। Good Luck!
Previous Post
Next Post

मैं इस वेबसाइट का फाउंडर हूँ। इस साईट के जरिये से लोगों की सहायता करना ही हमारा उद्देश्य है। बहुत से लोग हिंदी में पढना पसंद करते हैं तो यह साइट उनके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। हमसे जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

Related Posts

0 comments:

Your email address will not be published.