एक किसान और बकरी की कहानी । The Story of a Farmer and Goat

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एक बार एक किसान था जिसके पास एक बकरी थी। किसान उस बकरी से बहुत प्यार करता था वह उसको अच्छी तरह रखता था क्योंकि वह बहुत ज्यादा दूध देती थी। किसान के पास उस बकरी को रहते-रहते बहुत दिन हो गए थे। किसान उस बकरी को रोजाना जंगल में ले जाता और उसको हरी हरी घास खिलाता। एक दिन ऐसे ही रोज की तरह किसान बकरी को जंगल में ले गया था। बकरी जंगल में मजे से चर रही थी। किसान एक घने पेड़ की छांव में आराम करने लगा। जंगल में ठंडी हवा चल रही थी और पेड़ की छांव भी बड़ी मजेदार थी। इसलिए किसान को नींद आ गई।

is kahani me ek bakri aur kisan ke pyar ko darshaya gaya hai. bakri kisan se kho jati hai tab kisan usko wapas pa leta hai. yah story hai ek farmer or goat ki


बकरी आराम से इधर उधर झाड़ियों में चर रही थी। एक जगह बकरी को हरी हरी घास दिखाई दी बकरी उसको खाने के लिए आगे बढ़ी। इसी तरह बकरी घास को खाती खाती आगे बढ़ती गई। किसान अभी सो ही रहा था और बकरी हरी हरी घास के चक्कर में बहुत दूर निकल चुकी थी। जब किसान की नींद खुली तो उसने देखा कि बकरी वहां पर नहीं है। किसान ने इधर-उधर तलाश किया लेकिन बकरी नहीं मिली। किसान बहुत घबरा गया था वह सोचने लगा कि बकरी को कोई भेड़िया तो नहीं खा गया है। किसान अब खुद अपने आप को कोस रहा था की अगर मैं नहीं सोता तो शायद बकरी को नहीं खोता।


उधर जब बकरी का पेट भर गया तो उसको किसान और अपने घर की याद आई। इसलिए बकरी वापस आने लगी। रास्ते में उसने देखा कि सामने से एक शेर आ रहा है। शेर को देखकर बकरी झाड़ियों में छुप गई। बकरी शेर के जाने का इंतजार कर रही थी कि जब शेर यहां से चला जाएगा तो मैं यहां से निकल कर किसान के पास पहुंच जाऊंगी। शेर को भी बहुत देर हो चुकी थी लेकिन वहां से हटने का नाम ही नहीं ले रहा था। तब बकरी ने एक योजना बनाई और जंगल के दूसरे रास्ते से जाने का निर्णय लिया। अब बकरी एक ऐसे रास्ते पर जा रही थी जो एक गहरे जंगल में से होकर गुजरता था। लेकिन बकरी को उस रास्ते का पता नहीं था। इसलिए वह रास्ता भटक गई और किसी दूसरे गांव में जा पहुंची।

किसान ने भी बकरी को खूब तलाश किया लेकिन उसको कहीं नहीं मिली। किसान दो-तीन दिन तक लगातार बकरी को ढूंढने जंगल में आता और बकरी को ढूंढता। लेकिन जंगल में बकरी नहीं थी इसलिए किसान बकरी को नहीं ढूंढ पाया। किसान बहुत दुखी हो गया था क्योंकि उसके पास यह एक ही बकरी की थी जिससे वह अपना गुजारा करता था। अब किसान करे तो क्या करें उसके पास अब कोई और रास्ता भी नहीं था जिससे वह बकरी को पा सके। किसान ने उस बकरी के दूध से जो थोड़े बहुत पैसे जमा किए थे उनसे दूसरी बकरी खरीदने की सोची।

अब किसान बकरी खरीदने के लिए पास ही के एक गांव में गया जहां पर उसका एक रिश्तेदार रहता था। जब किसान उस गांव में जाकर पहुंचा तो वहां रात हो गई तो उसने अपने रिश्तेदार के घर ही ठहरना उचित समझा। किसान अपने रिश्तेदार के घर चला गया वहीं रुक गया। जब किसान के रिश्तेदार ने किसान से गांव में आने का कारण पूछा तो किसान ने अपनी सारी कहानी अपने रिश्तेदार को सुनाई।

दोस्तो एक बात बता दूं कि जब वह बकरी उस गांव में जाकर पहुंची तो किसी ने उसको पकड़ लिया था और अपने घर पर रखने लगा। कुछ दिनों तक तो उसने बकरी को अपने पास रखा लेकिन जब उसके अच्छे दाम लगने लगे उसने उसको किसी और को बेच दिया।
अब किसान का रिश्तेदार अब मन ही मन पछता रहा था क्योंकि उसने ही उस बकरी को पकड़ा था और बेच दिया था। किसान के रिश्तेदार ने किसान को बताया कि यह बकरी इस गांव में हमारे घर के पास अकेली घूम रही थी। जब शाम हो गई तो यह यहीं पर बैठ गई। बहुत देर इंतजार करने के बाद जब कोई बकरी को लेने नहीं आया तो मैंने उसको अपने पास रख लिया था। एक दिन एक कसाई गांव में आया उसने बकरी की अच्छी कीमत लगाई इसलिए मैंने उसे कसाई को बेच दिया। अपने रिश्तेदार की इस बात को सुनकर के किसान की आंखों में आंसू आ गए वह मन ही मन बहुत रो रहा था। किसान का रिश्तेदार किसान की भावनाओं को समझ गया था और उसने किसान से कहा कि मैं आपको से अच्छी बकरी ला कर दूंगा। लेकिन बात यह थी कि किसान उस बकरी से बहुत प्यार करता था और वह नहीं चाहता था कि मेरी बकरी को कसाई द्वारा काटा जाए। इसलिए किसान ने कहा कि मुझे अब किसी बकरी की जरूरत नहीं है। क्योंकि मैं नहीं चाहता कि दोबारा भी मेरे साथ ऐसा हो।

किसान वापस अपने घर की तरफ लौटने लगा क्योंकि अब वह कोई भी बकरी नहीं खरीदना चाहता था। किसान मन ही मन सोच रहा था कि अब उस बकरी को कसाई ने जिबह कर दिया होगा, वह अब इस दुनिया में नहीं होगी, अब वह मुझे कभी नहीं मिल पाएगी। किसान अपने आप से मन ही मन में सवाल करता और चलता जा रहा था तभी उसकी नजर एक बच्चे पर पड़ी जो रास्ते में एक घर के पास खेल रहा था। किसान ने बच्चे के आसपास देखा कि उसके पास कोई भी नहीं है और एक सांप बच्चे कि तरफ तेजी से बढ़ रहा था। तभी उस बच्चे की मां आ जाती है और बच्चे कि जान को खतरा देख कर सहायता के लिए चिल्लाती है। अब वहां पर किसान के अलावा उस महिला की सहायता करने के लिए कोई भी नहीं था। किसान ने ज्यादा समय बर्बाद किए बच्चे को बचाने दौड़ पड़ा।

सांप बच्चे के बहुत करीब पहुंच चुका था और किसान के पास सांप को मारने के लिए कुछ नहीं था। इसलिए किसान ने सांप को हाथ से पकडा झट से दूर फेंक दिया। बच्चा तो बच गया लेकिन किसान को सांप ने उसी समय काट लिया जब उसको पकड़ा था। अब किसान दर्द से तड़पने लगा और साथ में उसको अपनी बकरी की भी बहुत याद आ रही थी।
वहां पर को बच्चे कि मां थी उससे किसान का दर्द देखा नहीं जा रहा था वह किसान को किसी भी हालत में मरता नहीं देखना चाहती थी क्यूंकि उसने उसके बच्चे को बचाया था।
वह पास के गांव से अपने पति को बुलाकर लाई जो दुकान पर काम करता था। उसके पति ने अपने साथ एक वैध को लिया और किसान के पास आए। वैध ने किसान का इलाज शुरू कर दिया और दवाई पीला दी। अब किसान के शरीर का जहर खत्म होने लगा और वह बच गया। किसान जब बिल्कुल ठीक हो गया तो अपने घर के लिए रवाना होने लगा तभी उस महिला के पति ने उससे पूछा कि आप कहा से आए हो और कहां जा रहे हो, यहां पर कैसे आना हुआ।

किसान ने उसको अपनी सारी आपबीती सुना दी। किसान की बात सुनकर उस औरत के पति का भी दिल बैठ गया था। दोस्तो जिस कसाई ने उस बकरी को खरीदा था वह उस महिला का ही पति था जिसने किसान कि जान बचाई थी।
अब उस कसाई ने किसान से कहा कि तुम चिंता मत करो तुम्हारी बकरी सही सलामत मेरे पास है मैंने उसको अभी काटा नहीं है। यह सुनकर किसान के अन्दर खुशी कि लहर दौड़ गई और अपनी बकरी को देखने के लिए बेचैन हो गया।

कसाई ने वह बकरी किसान को दे दी और कहा ये तुम्हारी थी और अब भी तुम्हारी ही है। किसान बकरी को पाकर बहुत खुश था। उसने कसाई को बकरी की कीमत देना चाहा लेकिन कसाई ने कहा कि तुमने हमारे बच्चे की जान बचाई है मैं तुमसे इसकी कीमत नहीं ले सकता। किसान कसाई की इस उदारता से बहुत प्रसन्न हुआ और कसाई को धन्यवाद दिया। अब किसान बकरी को अपने घर ले आया और उसकी अच्छी तरह देखभाल करने लगा बकरी भी अपने पुराने घर वापस आकर बहुत खुश थी।
दोस्तो अपनी जान को जोखिम में डालकर किसान ने बच्चे को बचाया तो उसका फल उसको मिल गया उसकी बकरी वापस मिल गई। ऐसी ही एक कहानी मैंने आपको इस पोस्ट में लिखी है इसे भी पढ़ें।

इस कहानी ने एक किसान का जानवरों के प्रति प्रेम और लगाव को दर्शाया गया है। अगर आपको ये "एक किसान और बकरी की कहानी" अच्छी लगी हो तो शेयर करें और ऐसी ही नई नई कहानी पढ़ने के लिए हमारी साइट को सब्सक्राइब कर लें। स्टोरी पसंद आए तो कमेंट में बताएं। 

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